Breaking News
1 लाख से कम में बेस्ट गेमिंग लैपटॉप: दमदार प्रोसेसर, RTX ग्राफिक्स और हाई परफॉर्मेंस वाले टॉप ऑप्शंस
ممبئی تربوز موت معاملہ: فارنسک رپورٹ میں بڑا انکشاف، چوہا مار زہر سے ایک ہی خاندان کے 4 افراد کی موت
मोकामा विधायक अनंत सिंह पर FIR के बाद सियासत गरम, जनेऊ कार्यक्रम में डांस-हथियार विवाद पर बयान वायरल
पूर्णिया में मिड-डे मील में कीड़ा मिलने पर सख्ती, जांच में लापरवाही उजागर, निगरानी बढ़ाने के निर्देश
लॉन्च के 6 महीने में OnePlus 15 हुआ महंगा, 6,000 रुपये तक बढ़ी कीमत, जानिए नए फीचर्स और स्पेसिफिकेशन
Samastipur/Delhi: कैबिनेट विस्तार से पहले दिल्ली में तेज हलचल, सम्राट चौधरी की शाह-राजनाथ से मुलाकात
Bihar Police News: गया में लव ट्रायंगल विवाद में फायरिंग, निजी ड्राइवर ने सरकारी सिपाही को मारी गोली
नालंदा के पावापुरी में सोशल मीडिया प्रेमजाल से अपहरण और फिरौती का खुलासा, मुख्य आरोपी युवती गिरफ्तार
बिहार में पंचायत चुनाव से पहले साइबर ठगी तेज, मानदेय के नाम पर जनप्रतिनिधियों को बनाया जा रहा निशाना
Bihar Judges Transfer: पटना हाईकोर्ट की अनुशंसा पर 8 न्यायाधीशों का तबादला, कई जिलों में नई पोस्टिंग
मनु भाकर से वैभव सूर्यवंशी पर सवाल से छिड़ा विवाद, सोशल मीडिया पर क्रिकेट बनाम अन्य खेलों की बहस तेज
गया जंक्शन पर 20 दिन का मेगा ब्लॉक, राजधानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के रूट और प्लेटफॉर्म में बदलाव
बिहार में प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी, कैबिनेट विस्तार के बाद कई जिलों में नए डीएम और आईएएस तबादले तय
मधुबनी में मुकेश सहनी का बड़ा बयान, कहा—समाज के बिना ‘मलाई’ नहीं चाहिए, निषाद आरक्षण पर फिर उठी मांग
Apple MacBook Ultra: 2027 में आ सकता है नया प्रीमियम लैपटॉप, OLED और टच स्क्रीन समेत बड़े बदलाव संभव
Bihar Satellite Township: बिहार में 11 सैटेलाइट टाउनशिप की शुरुआत, जमीन मालिकों को मिलेगा 55% हिस्सा
Instagram का नया Instants ऐप लॉन्च, Snapchat को मिलेगी टक्कर—बिना फिल्टर फोटो शेयरिंग फीचर चर्चा में
काजोल ने तोड़ा 30 साल पुराना नियम, पहली बार किया ऑन-स्क्रीन किसिंग सीन—खुद बताया क्यों लिया यह फैसला
पीएम मोदी का बंगाल दौरा: कोलकाता में रोड शो के बाद हुगली नदी में नौका विहार, तस्वीरों ने खींचा ध्यान
कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर पार, अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार धड़ाम, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
Bihar NH Projects Update: पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे सहित 6 बड़ी सड़क योजनाएं कैबिनेट मंजूरी में अटकी
Iran–US Diplomatic Breakthrough in Islamabad: High-Level Talks Expected Amid Tight Security Lockdown
Iran–US Diplomatic Breakthrough in Islamabad: High-Level Talks Expected Amid Tight Security Lockdown
बिहार में सैलरी-पेंशन भुगतान पर संकट, 10% कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन, करोड़ों लाभार्थी इंतजार में
जमुई में शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार, नाबालिगों के इस्तेमाल का खुलासा
कटिहार में खेत में करंट लगने से पति-पत्नी की दर्दनाक मौत, चार बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
दरभंगा में 128 राजस्व कर्मचारी निलंबित, सामूहिक अवकाश से सरकारी काम बाधित करने पर डीएम का बड़ा एक्शन
बक्सर में सुकन्या योजना के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 80 महिलाओं के खातों से करोड़ों का लेनदेन
Imad Mughniyeh: The Shadow Commander Behind Hezbollah’s Global Network and Modern Asymmetric Warfare
बिहार में सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण से पहले पटना में हाई अलर्ट, ट्रैफिक व्यवस्था बदली, कई रास्ते बंद
भागलपुर में शराबबंदी पर बड़ा सवाल: उत्पाद विभाग की गाड़ी से शराब बरामद, चालक नशे में हंगामा करता रहा
Bihar Airport Expansion: Survey to Be Conducted in 4 Districts, AAI Team from Delhi to Inspect Sites
बिहार के सरकारी स्कूलों में सख्त निगरानी लागू, अधिकारियों को रोज 3 स्कूलों का निरीक्षण करना अनिवार्य
पटना में RJD अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कार्यक्रम में गरजे तेजस्वी यादव, केंद्र-राज्य सरकार पर बोला हमला
शराबबंदी पर मांझी का बड़ा बयान, बोले- पाव भर शराब वालों पर सख्ती क्यों, बड़े तस्कर कैसे बच जाते हैं?
समस्तीपुर में अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने LPG, PNG और जनकल्याण सेवाओं का लिया विस्तृत जायजा
रोहतास में मंदिर से चांदी का गदा और कीमती सामान चोरी, ग्रामीणों में उबाल—“अब भगवान भी सुरक्षित नहीं”
आस्था, अनुशासन और प्रकृति उपासना का महापर्व: चैती छठ 22 मार्च से, चार दिनों तक गूंजेगा भक्ति का स्वर
पश्चिम चंपारण में जमीन विवाद बना खून-खराबे की वजह, पिता और भाई पर हत्या का आरोप, एक की मौत, दो गंभीर
पटना में BPSC TRE-4 नोटिफिकेशन को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का महा आंदोलन, पैदल मार्च में जताई नाराजगी
बिहार में इफ्तार डिप्लोमेसी: नीतीश कुमार और चिराग पासवान की दावतें सियासी गलियारों में चर्चा का विषय
निशांत कुमार की जदयू में धमाकेदार एंट्री: जिम्मेदारी तय होने की प्रतीक्षा, पार्टी और विपक्ष में हलचल
हाजीपुर कोर्ट में सनसनी: पेशी के दौरान कैदी ने छत से पोखर में लगाई छलांग, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
युद्ध की आंच से रसोई तक संकट: दरभंगा में गैस सिलेंडर के लिए सुबह 4 बजे से लाइन, खाली हाथ लौट रहे लोग
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का राजनीतिक डेब्यू: राज्यसभा की राह और बिहार की राजनीति में नई पारी
भारत में अप्रैल से अनिवार्य: E20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल की नई ऑक्टेन रेटिंग, आयात पर निर्भरता घटेगी
बिहार में अब जमीन दलालों की खैर नहीं: सरकार ने हर अंचल कार्यालय में लगाए CCTV, सख्त कार्रवाई का एलान
राजद-जदयू विवाद: नीरज कुमार ने सुनील कुमार सिंह पर जमकर साधा निशाना, शराब और इलेक्ट्रॉल बांड पर घेरा
दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की उड़ान तकनीकी खराबी के कारण वापस दिल्ली लौट आई, सभी यात्री सुरक्षित
बिहार विधानसभा में विधायक निधि बढ़ाने को लेकर हंगामा: सत्ता और विपक्ष एकजुट, सदन में देर तक नारेबाजी
बजट सत्र के 15वें दिन सदन में हंगामा: अपराध पर घिरी सरकार, जीआई टैग और छात्र योजनाओं पर भी गरमाई बहस
पीरपैंती पावर प्रोजेक्ट पर अडानी की नजर: बिहार की ऊर्जा तस्वीर बदलने वाली योजना की आज करेंगे समीक्षा
बयानबाज़ी से गरमाया बिहार—तेजस्वी यादव बनाम मैथिली ठाकुर टकराव में ‘पुराना-नया बिहार’ की बहस फिर तेज
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: AIMIM ने खुद का उम्मीदवार उतारने का किया ऐलान, पांचवीं सीट के समीकरण बदले
मुजफ्फरपुर: 16 वर्षीय छात्रा की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने थाने में आत्मसमर्पण किया, इलाके में सनसनी
फुलवारी शरीफ छात्रा मौत मामला: संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा की मौत, हत्या या आत्महत्या की बहस तेज
पटना: तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान, बोले- राजनीति में साजिशें आम हैं, मेरी हत्या की साजिश भी होती रही
लोकसभा स्पीकर पर घिरा विवाद: हटाने के प्रस्ताव से गरमाया बजट सत्र, जानिए क्या है संवैधानिक प्रक्रिया
सिवान में पत्रकार पर हमला: शादी से लौटते वक्त बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर किया गंभीर रूप से घायल
“होली पर बिहार आने वालों के लिए रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों के लिए तत्काल टिकट भी उपलब्ध
मुजफ्फरपुर में स्नातक छात्र पर बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, पेट में लगी गोली, पुलिस जांच में जुटी
बिहार बजट में महिला सशक्तिकरण का रोडमैप: गांव की इकाई से शहर के बाजार तक, ट्रेनिंग से सीधे रोजगार तक
मोदी सरकार में बिहार को रेलवे की नई ताकत:रेल बजट नौ गुना बढ़ा,हाईस्पीड कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी
बिहार में जमीन दस्तावेजों का डिजिटल युग:1908 से अब तक की रजिस्ट्री एक क्लिक पर,दफ्तरों के चक्कर खत्म
बजट 2026-27: ‘शी मार्ट’ से जीविका दीदियों को मिलेगा नया बाजार, बिहार बन सकता है महिला उद्यमिता का हब
कैथी लिपि के दस्तावेज अब नहीं बनेंगे सिरदर्द, सरकार ने तय किया रेट और उपलब्ध कराए प्रशिक्षित अनुवादक
समस्तीपुर जिले के अपर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने गणतंत्र दिवस पर जिलेवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
निष्ठा, सेवा और स्मृतियों से सजी विदाई: आचार्य विजयव्रत कंठ को भावभीनी सम्मान-समारोह में दी गई विदाई
समृद्धि यात्रा का सातवां पड़ाव: मुजफ्फरपुर को 850 करोड़ की विकास सौगात देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बिहार में गाड़ियों पर जातिसूचक स्टीकर लगाना पड़ेगा महंगा, ₹2000 जुर्माना और AI कैमरों से निगरानी
- Reporter 12
- 08 May, 2026
बिहार परिवहन विभाग ने गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द और स्टीकर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। नियम तोड़ने पर ₹2000 तक जुर्माना लगेगा और AI कैमरों से निगरानी बढ़ाई जाएगी।
पटना/आलम की खबर:बिहार में अब गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द, नारे या पहचान दर्शाने वाले स्टीकर लगाना वाहन मालिकों को महंगा पड़ सकता है। राज्य के परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक सड़कों पर चलने वाले किसी भी वाहन पर जातीय पहचान को बढ़ावा देने वाले शब्द या स्टीकर अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नियम तोड़ने वालों पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक हाईटेक बनाने के लिए राज्यभर में एआई कैमरों से निगरानी बढ़ाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
परिवहन विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सभी वाहन मालिकों को एक महीने का समय दिया गया है। इस अवधि के भीतर उन्हें अपने वाहनों से जातिसूचक शब्द, स्लोगन या पहचान वाले स्टीकर हटाने होंगे। विभाग का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर इस तरह के प्रदर्शन से सामाजिक माहौल प्रभावित होता है और कई बार विवाद की स्थिति भी पैदा होती है। इसी वजह से अब सरकार ने इसे लेकर सख्ती दिखाने का फैसला किया है।
एक महीने बाद शुरू होगा विशेष अभियान
अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस शहरों से लेकर राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों तक वाहनों की जांच करेगी। जिन वाहनों पर जातिसूचक शब्द या स्टीकर पाए जाएंगे, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 और 179 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों से मौके पर ही जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वालों पर अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सड़क पर समानता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विभाग की अपील—समय रहते हटा लें स्टीकर
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहनों से ऐसे शब्द और स्टीकर हटा लें ताकि भविष्य में किसी कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग का कहना है कि सड़कें सार्वजनिक संपत्ति हैं और वहां किसी प्रकार के जातीय प्रदर्शन को बढ़ावा देना सही नहीं माना जा सकता।
अधिकारियों के मुताबिक कई बार ऐसे स्टीकर सड़क पर तनाव और विवाद की वजह भी बनते हैं। यही कारण है कि सरकार अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठा रही है।
बिहार में ट्रैफिक व्यवस्था होगी हाईटेक
इधर राज्य सरकार ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। परिवहन विभाग अब राज्यभर में लगभग 700 नए स्थानों पर एआई कैमरों से लैस इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईटीएमएस लगाने की योजना पर काम कर रहा है।
इसके लिए जिला स्तर पर नए स्थानों की पहचान की जाएगी। विभाग ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे इलाकों की सूची तैयार करें जहां ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की घटनाएं ज्यादा होती हैं। इसके अलावा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों को भी प्राथमिकता देने को कहा गया है।
ट्रैफिक पुलिस की मदद से होगा चयन
राज्य परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिया है कि इस प्रक्रिया में ट्रैफिक पुलिस की भी मदद ली जाए। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां सबसे अधिक सड़क हादसे होते हैं या जहां ट्रैफिक नियमों की लगातार अनदेखी की जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि नई तकनीक के इस्तेमाल से सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा और नियम तोड़ने वालों पर अधिक प्रभावी तरीके से नजर रखी जा सकेगी।
AI कैमरों में होंगे हाईटेक फीचर
इस नए सिस्टम में लगाए जाने वाले कैमरे पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित होंगे। इन कैमरों में फेसियल रिकग्निशन, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान और सर्विलांस जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी।
यानी कैमरे सिर्फ वाहन नंबर ही नहीं पढ़ेंगे, बल्कि जरूरत पड़ने पर वाहन में बैठे लोगों की पहचान भी कर सकेंगे। इससे बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान करना आसान हो जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
अगर कोई संदिग्ध वाहन या व्यक्ति राज्य के किसी हिस्से से गुजरता है, तो कैमरे उसकी जानकारी तुरंत सिस्टम तक पहुंचा सकेंगे। इससे पुलिस और प्रशासन की निगरानी क्षमता पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
हाईवे और टोल प्लाजा पर विशेष फोकस
सरकार की योजना है कि इस हाईटेक निगरानी प्रणाली को राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्यीय राजमार्गों, बड़े शहरों और प्रमुख टोल प्लाजा पर लागू किया जाए। अधिकारियों का कहना है कि इससे सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बिहार की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह तकनीक आधारित हो सकती है। इससे सड़क हादसों में कमी लाने और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में मदद मिलेगी।
लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
सरकार के इस फैसले को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में अच्छा कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि सरकार को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक सुधार पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर जातीय पहचान का प्रदर्शन सामाजिक तनाव को बढ़ावा दे सकता है। ऐसे में सरकार का यह फैसला कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गौरतलब है कि,बिहार सरकार का गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द और स्टीकर के खिलाफ सख्त रुख सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। सार्वजनिक सड़कों पर जातीय पहचान का प्रदर्शन कई बार अनावश्यक तनाव और विवाद को जन्म देता है। वहीं दूसरी तरफ AI आधारित ट्रैफिक निगरानी व्यवस्था यह संकेत देती है कि बिहार अब तकनीक आधारित ट्रैफिक प्रबंधन की ओर बढ़ रहा है। हालांकि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन नियमों को निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से लागू करने की होगी। यदि तकनीक और कानून का सही संतुलन बनाया गया, तो इससे सड़क सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था दोनों को मजबूती मिल सकती है।
यह भी पढ़ें
सम्राट चौधरी कैबिनेट में मिथिला-तिरहुत का दबदबा, क्षेत्रीय संतुलन पर बड़ा संदेश
बिहार कैबिनेट में स्वास्थ्य JDU को और शिक्षा BJP के पास जाने के राजनीतिक मायने
छपरा-सिवान NH-531 पर भीषण हादसा, ट्रक-पिकअप टक्कर में 3 की मौत
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *







